Thursday, September 15, 2011

Kushwaha


Kachchwaha (also spelled as Kachavāhā,Kachawaha,Kacchavahas, Kachhawa, Kuchhwaha,Kachhawaha, Keshwala, Kacchapghata,Kush Bhawani, Kakutstha, and Kurma) are a Suryavanshi Kshatriya clan who ruled a number of kingdoms and princely states in India such as Alwar, Maihar, Talcher, while the largest kingdom was Jaipur (Jainagara) which was founded by Maharaja Sawai Jai Singh II in 1727. The Maharaja of Jaipur is regarded as the head of the extended Kachwaha clan.
Outside of Rajasthan Kachwahas are found in Madhya Pradesh, Uttar Pradesh and Bihar, but are chiefly found in Bijnor, Muzaffarnagar, Meerut, Mathura, Agra and Kanpur. A number of Kachwaha adventurers from the Gwalior also emigrated to Jalaun, where settlements were established in Etawah. Kachhwahas from Bulandshahr(Chhatari village) are said to have descended from Narwar, while the Kachhwahas of Muzaffarnagar called themselves Jhotiyana

Wednesday, July 27, 2011

management


वर्षअध्यक्षउपाध्यक्षमहामंत्री
1974-75श्री रामराज सिंहश्री मुन्नी लाल मौर्यश्री जे. पी. सिंह
1975-76श्री केशव प्रशाद वर्माश्री राम गोपाल कुशवाहाश्री राम अवध मौर्य
1976-77श्री केशव प्रशाद वर्माश्री राम गोपाल कुशवाहाश्री राम अवध मौर्य
1977-78श्री चंद्रशेखर सिंहश्री जगन्नाथ प्रसादश्री राम सजीवन मौर्य
1978-79श्री रामचंद्र सिंहश्री हरिहर सिंहश्री समरजीत मौर्य
1979-80श्री रामचंद्र सिंहश्री हरिहर सिंहश्री समरजीत मौर्य
1979-80श्री रामचंद्र सिंहश्री हरिहर सिंहश्री समरजीत मौर्य
1980-81इं. आर. वाई. कुशवाहा (क्रान्ति अशोक)श्री हरिहर सिंहश्री बृजलाल कुशवाहा
1981-82इं. आर. वाई. कुशवाहा (क्रान्ति अशोक)श्री हरिहर सिंहश्री बृजलाल कुशवाहा
1982-83श्री रामराज सिंहश्री राजा राम सिंहश्री बृजलाल कुशवाहा
1983-84श्री कलिका प्रसादश्री रामगोपाल कुशवाहाश्री राम अवध मौर्य
1984-85श्री कलिका प्रसादश्री रामगोपाल कुशवाहाश्री राम अवध मौर्य
1985-86श्री रामराज सिंहश्री रमेश चन्द्र मौर्यश्री राम अवध मौर्य
1986-87श्री रामराज सिंहश्री रमेश चन्द्र मौर्यश्री राम अवध मौर्य
1987-88श्री रामराज सिंहश्री राम शकल मौर्यश्री राम अवध मौर्य
1988-89श्री पी. आर. मौर्यश्री शंकर लाल कुशवाहाश्री राम अवध मौर्य
1989-90इं. आर. वाई. कुशवाहा (क्रान्ति अशोक)श्री शंकर लाल कुशवाहाश्री जे. पी. सिंह
1990-91श्री शंकर लाल कुशवाहाश्री राम शकल मौर्यश्री समरजीत मौर्य
1991-92ई. रमेश चन्द्र मौर्यश्री राम बहादुर वर्माश्री जे. पी. सिंह
1992-93ई. रमेश चन्द्र मौर्यश्री राम बहादुर वर्माश्री राममूर्ति मौर्य
1993-94श्री राम बहादुर वर्माश्री धर्मराज स्वामीश्री लाल बहादुर मौर्य
1994-95क. नरेन्द्र मोधन वर्माश्री आर. जे. मौर्यश्री लाल बहादुर मौर्य
1995-96ई. बी.के. मौर्यश्री बी.आर. प्रसाद शास्त्रीश्री जे.आर. मौर्य
1996-97ई. बी.के. मौर्यश्री बी.आर. प्रसाद शास्त्रीश्री जे.आर. मौर्य
1997-98ई. रमेश चन्द्र मौर्यश्री रामकृष्ण मौर्यश्री पी.एल. मौर्य
1998-99श्री बी.आर. प्रसाद शास्त्रीश्री चन्दन लाल मौर्यश्री राम शकल मौर्य
1999-2000श्री श्याम देव मौर्य (प्रवक्ता)श्री चन्दन लाल मौर्यश्री राम अवध मौर्य
2000-01श्री जे. आर. मौर्यश्री पी. एल. मर्याश्री राम संजीवन मौर्य
2001-02श्री एस.एन. मौर्यश्री लाल बहादुर मौर्यश्री यज्ञ नारायण मौर्य
2002-03श्री एस.एन. मौर्यश्री लाल बहादुर मौर्यश्री यज्ञ नारायण मौर्य
2003-04श्री राम अवध मौर्यश्री पी.एल. मौर्यश्री यज्ञ नारायण मौर्य
2004-05श्री रमेश चन्द्र मौर्यश्री नरेन्द्र प्रताप कुशवाहाश्री यज्ञ नारायण मौर्य
2005-06श्री रमेश चन्द्र मौर्यश्री नरेन्द्र प्रताप कुशवाहाश्री यज्ञ नारायण मौर्य
2006-08श्री जे.पी. सिंहश्री राम अधार मौर्यई. राम मूर्ती मौर्य
2008-10श्री जे.पी. सिंहश्री एल.सी. मौर्यश्री सुनील कुमार सिंह
2010-11ई. रमेश चन्द्र मौर्यश्री आर.डी. मौर्यडॉ. आर.पी. मौर्य

मित्र परिषद् की सार्थकता


मित्र परिषद् की सार्थकता
किसी भी समाज के विकास के कारणों को पता लगाने पर मालूम होता है कि उसके सशक्तिकरण में उन लोगो का अनुकर्णीय योगदान है जिन्होंने निःस्वार्थ भाव से भावी पीढ़ी की प्रगति के लिए स्थाई सृजनात्मक योजनाओ को तन मन धन से साकार रूप दिया है। उसी दिशा में मित्र परिषद् वन्दनीय विभूतियों के बहुमूल्य सक्रिय सहयोग और त्याग से आगे बढती हुई आपको भी इस अभियान में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित करती है।
मित्र परिषद् की विशेषताये :-
1. 35 वर्षों से समाज सेवारत पुरानी संस्था,
2. वर्ष 1978 से सरकार द्वारा पंजीकृत संस्था,
3. प्रति दो वर्ष में परिवर्तनशील कार्यकारिणी समिति,
4. आजीवन सदस्यों में 99% स्नातक एवं स्नाकोत्तर,
5. उ. प्र. एवं उत्तराखंड के समस्त जनपदों एवं अन्य प्रदेशों का आजीवन सदस्यता में प्रतिनिधित्व,
6. आयकर अधिनियम 80-जी के अंतर्गत आयकर आयुक्त से पंजीकृत संस्था (संस्था की रसीद पर आयकर में छूट),
7. संस्था के नाम रास्ट्रीयकृत बैंक एवं डाकघर में बचत खाता,
8. आजीवन सदस्यता शुल्क का पूंजीगत निवेश,
9. वार्षिक लेखे का चार्टर्ड एकाउन्टेंट से लेखा परीक्षण,
10. आठ स्थाई निधियों का संचालन यथा :- आजीवन सदस्यता निधि, छात्रवृत्ति, पुस्तकीय सहायता निधि, माघ माल सेवा शिविर निधि, प्रतिभा खोज परीक्षा निधि, सम्मान अर्पण निधि, कैरियर गईडेंस निधि एवं भूमि भवन निधि आदि,

Thursday, July 14, 2011

Kushwaha Tent House

Mr Prince
+(91)-9450988392, 9125302769
Kushwaha Colony, Bisanda Road, Banda UP, Allahabad 

Mitra Parishad Allahabad i

Mitra Parishad Allahabad is a non political and social society organised by our community. Mitra Parishad established in 8th July, 1974.
Mitra Parishad work for improvement in social and educational status of society and provide different types of activities.
Some of these are:
1. Free distribution of Books:
2. Career Planning and Guidance Seminar:
3. Debate:
4. Pratibha Khoj Parikchha:
5. Magh Mela Shivir
6. Financial Support in Education:
7. Publication of Karmyug’ Smarika Magazine:
8. Annual Function:
9. Lifetime Membership:
10. Gaurav Samman:
Mitra Parishad is a registered organization by Income Tax Department of India.